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धोनी अपने बचपन के दोस्तों को कभी नहीं भूले, कुछ इस तरह बदल डाली उनकी जिंदगी!

धोनी को एक अच्छे क्रिकेटर के साथ साथ एक बेहद सूझे हुए इंसान के रूप में भी जाना जाता रहा है! उन्होंने अपने जमीं को कभी नहीं छोड़ा, छोटे शहर से आने के वावजूद भी दौलत और शोहरत ने उनका जीने का तजुर्बा बिलकुल नहीं बदला और उन्होंने अपनों दोस्तों को हमेशा साथ लेकर चलने की कोशिश की! जी हाँ आज हम बात कर रहे है धोनी के कुछ दोस्तों की! धोनी के दोस्त मिहिर का प्रथम श्रेणी करियर भी करीब-करीब एमएस (MS Dhoni) के साथ ही शुरू हुआ और मिहिर आज भी एमएस धोनी की कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं. इसके अलावा धोनी के दोस्तों का एक वर्ग वह है, बचपन के दिनों से है. मतलब कोई नर्सरी कक्षा से तो, तो कोई सेकेंड क्लास से और यह दोस्ती आज भी बरकरार है!

भारतीय क्रिकेट के सफलताब कप्तान एमएस धोनी ने अपने कुछ दोस्तों को की जिंदगी बदल डाली और उन्हें फर्श से उठाकर अर्श पर पंहुचा दिया! उनके जीवन पर आयी फिल्म में भी उनके दोस्तों को दिखाया गया है जो संघर्ष के दिनों में उनके साथ थे! तो एमएस धोनी ने भी अपने असल जीवन में बचपन के दोस्तों को कभी नहीं भूले और न ही उन दोस्तों को जो क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों में उनके साथ ही क्रिकेट की शुरुआत की थी! आप में से बहुत से लोग अरुण पांडेय या मिहिर दिवाकर को नहीं जानते होंगे. एक बार को शायद अरुण पांडेय को एमएस धोनी के मैनेजर के रूप में जानते होंगे, और नहीं भी जानते होंगे!

चलिए पहले हम धोनी के दोस्त अरुण पांडेय के बारे में बताते हैं, जिन्होंने दो प्रथम श्रेणी मैच खेले और कुल जमा पांच विकेट लिए! वही मिहिर दिवाकर का रिकॉर्ड पांडेय से थोड़ा बेहतर है! उन्होंने बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी खेले मध्यम तेज गति के गेंदबाज मिहिर दिवाकर ने 139 मैचों में 129 विके चटकाए. लेकिन दो रणजी ट्रॉफी मैच खेलने वाले अरुण पांडेय के धोनी के साथ ने ऐसा जीवन बदला कि वह इंडियन एयरराइंस की नौकरी छोड़कर धोनी के मैनेजर बन गए और कई साल तक धोनी ने पांडे की साझेदारी में रिति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी भी चलायी. और सूत्रों की मानें, तो अरुण पांडेय धोनी के सहयोग से कई करोड़ रुपये बतौर धोनी के मैनेजर कमा चुके हैं!

धोनी के एक और दोस्त मिहिर जो क्रिकेट छोड़ने के बाद काफी संघर्षमयी दौर से गुजरे मिहिर दिवाकर को माही ने अपने साथ जोड़ा, तो बिहार के इस पूर्व तेज गेंदबाज के जीवन में बहार आ गई. इन दोनों से ही धोनी का परिचय क्रिकेट टूर्नामेंटों के दौरान तब हुआ, जब एमएस 17-18 साल के थे. मिहिर का प्रथम श्रेणी करियर भी करीब-करीब एमएस के साथ ही शुरू हुआ और मिहिर आज भी एमएस धोनी की कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं. इसके अलावा धोनी के दोस्तों का एक वर्ग वह है, बचपन के दिनों से है. मतलब कोई नर्सरी कक्षा से तो, तो कोई सेकेंड क्लास से और यह दोस्ती आज भी ठीक वैसे ही बरकरार है, जैसी बचपन के दिनों में थी और माही का यह रूप उनके बारे में बहुत कुछ कहने, बताने और समझाने के लिए काफी है. इसका सबूत यह है कि धोनी फिल्म में दिखाई गए धोनी के दोस्त चिंटू जिनका असली नाम सीमांत लोहानी है, वह भी धोनी की कंपनी से जुड़कर उनका काम देख रहे हैं.