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रोटी ऑन व्हील्स: एक ऐसी वाहन जो चलते-चलते हर रोज हजारों भूखे लोगों को खिलाती है रोटी!

Kolkata: हर रोज किसी को भोजन देने का काम करना सचमुच आसान नहीं होता… ये काम कोई अन्नदाता ही कर सकता है. रोटी ऑन व्हील्स ये नाम सुनकर आप सोच में पड़ गये होंगे कि आखिर ये क्या है. दरअसल, ये एक गाड़ी का नाम है जो हर रोज तकरीबन हजार लोगों को भरपेट रोटी खिलाती है. ये वाहन चलते हुए रोटी बनाती भी है और राहगीरों को ही नहीं बल्कि हर भूखे लोगों को भोजन भी कराती है.

साल 2019 में कोलकाता में रोटी ऑन व्हील्स की शुरुआत संतोष जैन ने किया था. जिसका मूल रुप से प्रयोग निरंतर कोरोनाकाल में किया गया. मीडिया से हुई खास बातचीत में संतोष जैन ने बताया कि इस कोरोनाकाल के लॉकडाउन के दौरान शुरुआत में तो कई दानदाताओं ने खुलकर दान दिये और रोटी ऑन व्हील्स के माध्यम से लोगों को भोजन खिलाने में सहयोग भी किया. हालांकि लगातार चल रहे लॉकडाउन के कारण दानदाताओं के रवैये में भी कुछ बदलाव आये. लेकिन रोटी ऑन व्हील्स निरंतर काम में लगी हुई थी, वो हर रोज लॉकडाउन के दरम्यान लोगों को भोजन देती रही. इतना ही नहीं आज भी प्रतिदिन हजार लोगों के लिए इस वाहन में रोटी तैयार की जाती है और लोगों को खिलाया जाता है.

संतोष जी ने बताया कि कुल मिलाकर प्रतिदिन हमें 8 हजार रुपये लगते हैं. इस खर्च में हम हजारों लोगों को रोटी भरपेट खिलाते हैं. सबसे खास बात तो ये है कि इस वाहन में एक खास मशीन लगी हुई है जिसमें एक बार में ही कई रोटियां तैयार हो जाती है. जिसे दो लोग मिलकर बनाते हैं. फिर गरमागरम रोटियों लोगों को परोसी जाती है.

संतोष जी बताते हैं कि जब किसी का जन्मदिन होता है या फिर कभी-कभी लोगों को किसी को खिलाना होता है तो हमें वो राशन मुहैया करा देते हैं और जिस इलाके में हमें कहते हैं वहां हम गरीबों को भरपेट भोजन खिलाते हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि पूरे लॉकडाउन के दौरान उनके इस खास वाहन को प्रशासन ने भी हरी झंडी दे रखी थी. यहां तक कि वो भी लॉकडाउन के दौरान इस वाहन की रोटी खाते थे और उनके वाहन को कभी उनलोगों ने रोका तक नहीं. बल्कि उनके सहयोग से ही पूरे लॉकडाउन के दौरान इस वाहन ने भूखे लोगों को भरपेट भोजन कराया.