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राजस्थान में पुलिस वालो की अब खैर नहीं ।

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जयपुर: कोरोना वायरस को लेकर राजस्थान सरकार अब सख्त हो गई है। लॉकडाउन के तीसरे दिन मंगलवार को लोगों के घरों से बाहर निकलने पर नाराज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिला कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ वीड़ियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया । उन्होंने कहा कि कोरोना का तीसरा चरण कम्यूनिटी इंफेक्शन का है। लॉक डाउन और धारा 144 की पूरी पालना कराई जाए। बेवजह घरों से बाहर निकलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए । अब यदि बेवजह लोग सड़कों पर नजर आए तो कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार होंगे । परिस्थितियों को देखते हुए दोनों को उचित निर्णय लेने का अधिकार देते हुए गहलोत ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन हो, लेकिन आवश्यक सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए ।

सख्ती के साथ संवेदनशीलता भी बरती जाए । उन्होंने जिला स्तर पर वॉर रूम बनाने के निर्देश दिए। यह वॉर रूम 24 घंटे कार्यरत रहेगा और इसमें वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। निजी वाहनों की आवाजाही पर कड़ाई से पालना की जाए। उन्होंने लोगों को समझाने के लिए माइक लगी गाड़ियों का उपयोग करने के निर्देश दिए। उधर प्रदेश में लॉक डाउन और धारा 144 बेअसर होत देख पुलिस ने मंगलवार से सख्ती शुरू कर दी । पड़ोसी राज्यों से सटी सीमा पूरी तरह से सील कर दी गई। शहरों के साथ ही राजमार्गों पर निजी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया । बेवजह घरों से बाहर आए लोगों को पुलिस ने जबरन घर भेजा। इस प्रक्रिया के दौरान पूरे प्रदेश में मंगलवार को 900 से अधिक वाहन जब्त किए गए ।

नहीं मिला कोई नया केस

प्रदेश में मंगलवार को कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया । चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में सोमवार तक 32 केस पॉजिटिव मिले हैं । प्रदेश में 1368 संदिग्धों के सैंपल लिए गए,इनमें से 1330 नेगेटिव आए और 6 की रिपोर्ट आना बाकी है । मंगलवार को प्रदेश में पांच सैंपल लिए गए इनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है । चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने बताया कि 9 आईएएस अधिकारियों को विशेष रूप से हालात पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया है । प्रदेश में 1000 से अधिक सैंपल लिए हैं,इनमें से 32 पॉजिटिव केस मिले हैं । पॉजिटिव मरीजों की स्थिति नियंत्रण में है। प्रदेश में कोरोना से अब तक एक भी मौत नहीं हुई है।भीलवाड़ा में सबसे अधिक स्थिति खराब है,वहां 13 पॉजिटिव सामने आने पर शहर के साढ़े तीन लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई और अभी जारी है । यहां 5392 लोगों को खतरे के निशान पर मानकर होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया है । उन्होंने बताया कि शहर अथवा गांव में बाहरी व्यक्ति के आने पर चकित्सा विभाग तक सूचना पहुंचाने के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।प्रत्येक उपखंड पर 400 बैड का एक आइसोलेशन वार्ड बनेगा। पुष्कर भ्रमण पर आए इजरायल के 117 पर्यटक दिल्ली रवाना हो गए । तीन बसों में सवार होकर ये पर्यटक दिल्ली गए और वहां से 26 मार्च को स्वदेश जाएंगे । पुष्कर से रवाना होने से पहले सभी पर्यटकों की स्क्रीनिंग की गई ।

संक्रमित के इलाज के साथ मनोरंजन भी करते हैं

कोरोना के उपचार में जुटे चिकित्सक और नर्सिंगकर्मी एक तरफ तो पीड़ितों का इलाज कर रहे हैं । वहीं दूसरी तरह यदि पीड़ित घबराहट में रोता है या फिर मायूस होता है तो मनोरंजन कर उसका मन भी बहलाने का प्रयास करते हैं । जयपुर में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ.सुधीर भंडारी और उनकी टीम एवं कोरोनाइज बन चुके भीलवाड़ा में इलाज के लिए तैनात 3 चिकित्सक और 20 नर्सिंगकर्मी पीड़िता का इलाज करने के साथ ही उन्हे कभी गाना सुनाते हैं तो कभी कहानी-किस्से सुनाकर उनका मन बहलाने का प्रयास करते हैं । वे पीड़ित को खाना भी खुद ही खिलाते हैं ।

संदिग्ध व्यक्ति के घर के बाहर चस्पा हो रहे नोटिस

चिकित्सा विभाग की ओर से कोराना संदिग्धों के घर के बाहर नोटिस चस्पा करना शुरू किया है । पुलिस और चिकित्सा विभाग की टीम ये नोटिस चस्पा कर रही है। कोरोना संदिग्धों को कोरोंटाइन किए जाने के बावजूद घर से निकलने वालों पर निगाह रखने के लिए उनके पड़ोसिसयों की मदद ली जाएगी । संदिग्ध के घर के बाहर नजर आने पर परिवार के मुखिया के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत पुलिस में मामला दर्ज होगा ।