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क्या चीन ने जानबूझकर कोरोना को फैलाया ???

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जब से शी जिनपिंग को चीन का आजीवन राष्ट्रपति बनाया गया तभी से सच्चाई ये है की वो पूरी दुनिया पर अपनी हुकूमत करना चाहता है ।
मगर भारत के प्रधानमन्त्री मोदी और अमेरिकन राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ साथ कुछ यूरोपियन देशो समेत कुछ शक्तियां उसके अभियान में बाधा बनकर खड़ी है ।

सूत्रों की माने तो चीन लगातार जैविक हथियार बनाने पर अपने देश का बहोत पैसा खर्च कर रहा है , सूत्र बताते है की अब तक चीन एक हजार से ज्यादा जीवाणुओं की खोज कर चूका है ।

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अभी हाल ही में पुरे विश्व को कोरोना नामक वाइरस ने अपने शिकंजे में जकड़ रखा है , सूत्रों के मुताबिक़ ये भी चीन का एक सफल जैविक प्रयोग था ।

शी जिनपिंग ने साल 2013 में अपनी महत्वाकांक्षी योजना वन बेल्ट वन रोड शुरू की , जिसमे अपने बनाये हुए सभी उत्पाद पुरे विश्व में भेजने की कोशिश की थी मगर भारत सहित कई अन्य देश इसमें शामिल नहीं हुए

क्या है OBOR

OBOR चीन की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसमे वह पश्चिमी एशिया के देशों के साथ व्यापार बढ़ाने की कोशिश कर रहा था , इस रोड के बन जाने से सभी देश आपस में जुड़ जाते और माल का इधर उधर जाना काफी आसान होता साथ ही इस से चीन की पश्चिमी एशिया में धाक बढ़ती क्युकी चीन आधारित व्यापार बढ़ने से चीन की कूटनीतिक जित होती ।
इस कॉरिडोर को बनाने में लगभग १०० बिलियन डॉलर की आवश्यकता होती , चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर भी इसी परियोजना का हिस्सा है।

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OBOR का भारत पर पड़ने वाला प्रभाव

चीन पकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर पाकिस्तानी अधिकृत कश्मीर के हिस्से से गुजरता है, इसीलिए भारत को लगता है की इस योजना से पाकिस्तान की कश्मीर के उस हिस्से पर सम्प्रभुता स्थापित हो जायेगी , भारत चीन के बढ़ते प्रभाव को भी काम करना चाहता है ।

ट्रेड वार

अमेरिका ने कुछ समय से चीन को टेड वार में उलझा रखा है साथ ही OBOR योजना के विफल हो जाने से चीन को बहोत नुक्सान उठाना पद रहा है ।
सूत्रों के अनुसार दुनिया भर को अपनी ताकत दिखाने के लिए शी जिनपिंग ने चीन के शहर वुहान में कोरोना वाइरस को संक्रमित किया और अपने देश के लोगो को भी धोके में रखा ।
 82000 लोग केवल वुहान शहर में इस वाइरस से संक्रमित हुए जिनमे से 3200 लोगो की मौत हो गयी ये दावा चीन करता है ,
मगर कौन जानता है की चीन सच बोल रहा है ।

चीन और पूरी दुनिया के कुछ लोग अगर मारे भी जाए तो शी जिनपिंग को कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला क्युकी वो तो अपनी  1949 की कथित क्रान्ति से अपने 5 से 7 करोड़ लोगो को मार चूका है

कोरोना वाइरस का फैलना संयोग मात्र नहीं है बल्कि ये शी जिनपिंग का विश्व पर हुकूमत करने के लिए एक प्रयोग था जिसमे वो सफल हो गया , इसे चीन ने पुरे विश्व को आतंकित करने के लिए फैलाया जिस से समस्त देशो की अर्थव्यवस्था चौपट हो जाय , क्युकी चीन ने अपने देश में इस वाइरस को केवल वुहान तक ही सिमित रखा साथ ही उस ।इस बिमारी से सम्बंधित सभी जीवनरक्षक उपकरण तैयार कर रखे थे ।

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प्रयोग सफल होने के बाद इस तरह के प्रयोग चीन बार बार करता रहेगा अभी चीन में एकऔर वाइरस (हन्ता ) पाया गया है जिस से 1 व्यक्ति की मौत हो गयी और 32 लोग अभी संक्रमित है ।

चीन के कुछ मुख्या शहरो की वुहान से दुरी –
शंघाई – 839 किमी
बीजिंग – 1152 किमी
ताइवान – 1010 किमी इन शहरों में कोरोना का कोई केस नहीं मिला जबकि

चीन की दुरी
इटली – 12000 किमी
अमेरिका – 11600 किमी
स्पेन –  8783 किमी

इन सभी देशो में इस वाइरस ने भयंकर तबाही मचाई है , प्राप्त खबरों के अनुसार इटली और स्पेन ने चीन से चिकित्सा उपकरण खरीदने का सौदा किया है जिस से चीन को बहोत फायदा होने वाला है , अपने नागरिको की जान पर खेल कर व्यापार करना चीन की पुरानी आदत रही है इसके साथ ही चीन विश्व के सभी कोरोना पीड़ित देशो से संपर्क साध कर अपने चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए मजबूर कर रहा है ।

भविष्य में चीन के इस तरह के प्रयोगो को रोकने के लिए विश्व के बड़े और समृद्ध देशो को पहल करनी चाहिए एवं हर एक देश को OBOR प्रोजेक्ट को अपने देश में बंद करना चाहिए ।